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अखवार मिशन से कमीशन हो गया

>> Monday, May 31, 2010

13 comments:

nonsense times May 31, 2010 at 1:57 AM  

sahi farmate ho saxena ji..

'उदय' May 31, 2010 at 4:31 AM  

...लाजवाब !!!

Shekhar Kumawat May 31, 2010 at 5:15 AM  

sahi kaha he ajay ji aap ne

narottam May 31, 2010 at 6:35 AM  

yaha to her missiom commition me badal gaya hai ..

kajal May 31, 2010 at 6:44 AM  

vaise commision kum nahi hone vaala..aur badega..

राजकुमार सोनी May 31, 2010 at 9:27 AM  

मैं ऐसा नहीं मानता अब अच्छे लोग इसे एक मिशन ही समझते हैं।

राजकुमार सोनी May 31, 2010 at 9:28 AM  

फिर भी तुम्हारी पोस्ट कुछ विचार करने को मजबूर तो करती है। आखिर क्यों लोग ऐसा सोचने लगे हैं..भिखारी भी सोच है तो और गंभीर बात है।

SAMEER June 1, 2010 at 12:39 AM  

विडंबना यही है अजय भाई, की हम माने या न माने ....लेकिन वर्तमान दौर में ये सच है

आचार्य जी June 1, 2010 at 5:55 PM  

क्रोध पर नियंत्रण स्वभाविक व्यवहार से ही संभव है जो साधना से कम नहीं है।

आइये क्रोध को शांत करने का उपाय अपनायें !

Akhtar Khan Akela June 6, 2010 at 7:08 AM  

ajay bhaai akhbaar ki schchi tsvir aaapne pesh krne kaa saahsik qdm uthaayaa he iske liyen bdhaai ho. akhtar khan akela kota rajstha

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indali

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