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ब्लागर सम्मेलन में पिटने के डर से भागे जलजला..!

>> Sunday, May 23, 2010

24 comments:

दिवाकर मणि May 23, 2010 at 4:21 AM  

हा हा हा..............

हां भाई, जलजला ने लाल टीशर्ट में आने की घोषणा की थी, लेकिन यह बात इन्हे तो पता ना थी। बेचारे लाल टीशर्ट पहन कर चले आए, और खामखां में पिट गए..........

नरेश चन्द्र बोहरा May 23, 2010 at 4:50 AM  

कुछ भी हो जलजला प्रसिद्ध हो गए अपनी उलटी हरकतों से वर्ना उन्हें इतनी प्रसिद्धि नहीं मिलाती कभी. ये भी एक तरीका है खुद को परसिद्ध करने का. लेकिन ऐसा तरीका श्री जलजलाजी ही अपना सकते हैं.

राजकुमार सोनी May 23, 2010 at 6:35 AM  

तुमने अच्छा कार्टून बनाया है.. फिलहाल तो हंस रहा हूं।

सुनील दत्त May 23, 2010 at 7:10 AM  

नपुंसक कायरों के साथ इससे भी बुरा बर्ताब होना चाहिए
फिर सही किया है आपने

ajay saxena May 23, 2010 at 7:20 AM  

मित्रों मेरे इस व्यंग चित्र का पीएस पाबला जी से कोई संबंध नहीं है..मै कभी एसा सोच भी नहीं सकता

M VERMA May 23, 2010 at 8:43 AM  

लेकिन लाल में तो कई लाल थे मिलन स्थल पर (आँखो देखी)
बेचारा यही क्यों पिटा

राजीव तनेजा May 23, 2010 at 8:57 AM  

शुक्र है कि मैं लाल शर्ट पहनने के बावजूद बच गया...:-)

हा...हा...हा...
बहुत ही मज़ेदार कार्टून बनाया है भाई आपने...
सौ में से सौ नंबर आपके साइंस ऑफ ह्यूमर को
मज़ा आ गया जी फुल्ल बटा फुल्ल

Ratan Singh Shekhawat May 23, 2010 at 10:33 AM  

बहुत ही मज़ेदार

राजकुमार सोनी May 23, 2010 at 12:45 PM  

अजय.
तुमने जिस पात्र को पट्टी बांधे हुए दिखाया है वह कुछ और ही दिखता है इसलिए शायद कुछ लोगों को समझने में दिक्कत हुई है। अब दिक्कत का क्या है भाई लोगों ने एक ब्लागर को भी लाल शर्ट की वजह से न जाने क्या-क्या समझ लिया है। मैं अच्छे से जानता हूं तुम्हारी मंशा वैसी नहीं थी.
अपने किसी भी प्रयास से हमारे प्रियजन नाराज न हो इसका प्रयास हमें करना चाहिए। तुमने तत्काल ही अपनी भावना प्रकट कर दी इसके लिए तुम साधुवाद के पात्र हो।

नीरज जाट जी May 23, 2010 at 9:45 PM  

ओहो, बेचारा बिना मतलब ही पिट गया

aditi saxena's blog May 24, 2010 at 12:25 AM  

जलजला अंकल लाल शर्ट और हरी पैंट पहन कर अपनी काली कार में बैट कर निकल लो अब ब्लॉग की दुनिया में आपका कोई काम नहीं है .. या तो सही ढंग से अपना परिचय दे कर सामने आओ ...

ajaysaxena May 24, 2010 at 12:48 AM  

जलजला ..हाथ मला

honesty project democracy May 24, 2010 at 12:58 AM  

अजय जी सबसे पहले इस कार्टून में कुछ सुधार की जरूरत है -1 -शर्ट की जगह पीटने वाले को टी.शर्ट पहनाइए /
2 -जलजला पगड़ी नहीं पहनता है ,इस बात में कोई शक नहीं है /
3 -जलजला आया था और पूरे सभा में मोजूद रहा /
4 -इस सभा में इतना असभ्य ब्लोगर कोई भी नहीं था जो
जलजला को पीटने का कुकर्म करता ,बल्कि सबने जलजला को सम्मान दिया / आशा है इस सम्मान के बाद अब जलजला ऐसी वैसी कोई हरकत नहीं करेगा /

सुलभ § सतरंगी May 24, 2010 at 2:18 AM  

हा हा हा..............!!

बहुत खूब

ajay saxena May 24, 2010 at 2:45 AM  

honesty project democracy जी मेरा कैरेक्टर पगढ़ी नहीं कई जूते पड़ने के बाद सिर पर जख्मों के उपचार हेतु पट्टी बांधे है..आशा है इस सम्मान के बाद अब जलजला ऐसी वैसी कोई हरकत नहीं करेगा

ajay saxena May 24, 2010 at 2:48 AM  

मेरी पोस्ट पर सभी टिप्पिणीदातोओं का तहे दिल से धन्यवाद...

सलीम ख़ान May 24, 2010 at 3:26 AM  

ha ha ha ha ha ha ha ha !!!!!!!!!!!!!!!

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