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फर्जी ब्लागरों का पुतला दहन...!

>> Tuesday, May 25, 2010

31 comments:

राजकुमार सोनी May 25, 2010 at 6:29 AM  

चलो यह भी एक तरीका है दुकानदारी चलाने का।

राजकुमार सोनी May 25, 2010 at 6:30 AM  

आजकल खूब नया-नया कर रहे हो भाई।

महफूज़ अली May 25, 2010 at 6:49 AM  

हाहा....बढिया है.

narottam May 25, 2010 at 6:52 AM  

ब्लागर मीट में जलजला, ढपोरसंख,पंगेबाज, अम्मा जी, गढरिया, शहनशांह, घटोत्कच्छ, भूतनी ......जैसों के विरोध में पुतले जलाएं जाने चाहिए...what an idia ..sir ji

narottam May 25, 2010 at 6:55 AM  

vaise mai bhi abhi benami ki categiri me aata hu par ek do den me meri puri profile aapko dekhegi..

बात मेरे मन की May 25, 2010 at 8:28 AM  

वाह अजय भाई, फर्ज़ी ब्लागर्स को इतने सम्मान के साथ दहन करने की बात आप ही सोच सकते हैं. दरअसल इन्हें तो सड़क के चौपायों की तर्ज़ पर मौत देना चाहिए.इन्हें रावण जैसा सम्मान क्यों दे रहे हैं?

माधव May 25, 2010 at 9:04 AM  

just averageeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeee

संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari May 25, 2010 at 9:44 AM  

ब्‍लॉगमैग्‍जीन में कार्टूनिस्‍ट अजय सक्‍सेना के बल्‍ले बल्‍ले. बढि़या कार्टून भाई मजा आ गया.

संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari May 25, 2010 at 9:45 AM  

ब्‍लॉगमैग्‍जीन में कार्टूनिस्‍ट अजय सक्‍सेना के बल्‍ले बल्‍ले. बढि़या कार्टून भाई मजा आ गया.

बी एस पाबला May 25, 2010 at 10:13 AM  

हा हा
यह भी खूब रही :-)

राजीव तनेजा May 25, 2010 at 10:41 AM  

आईडिया तो बहुते ज़ोरदार सोचे हो गुरु

Kumar Jaljala May 25, 2010 at 10:49 AM  

आपके ब्लाग में ऊपर कही दो भैंस शौक फरमा रही है। इन्ही भैंसों में से कोई एक आपकी अक्ल को चरने के लिए ले गई है। जनाब हमने तो सुना था कि पीएम का पुतला जलता है, डीएम का पुतला जलता है। पहली दफा देख रहे हैं कि लोग बेनामी लोगों का पुतला जला रहे हैं। यानी जिनका कोई नाम नहीं है उनका पुतला दहन... और वाह-वाह करने वाले हजरत भी आपको दाद दे रहे हैं... जरा अक्ल तो लगाइए.
आपको अभी पक्का और कायदे का कार्टूनिस्ट बनने में वक्त लगेगा. किसी उस्ताद से शागिर्दी लीजिए। ब्लाग पर तोते-मिट्ठू, कुत्ते-बिल्ली की फोटो चस्पा कर लेने से कोई कार्टूनिस्ट नहीं बन जाता है.

kajal May 25, 2010 at 12:53 PM  

farji bloggers ke muh me tamacha pada

kajal May 25, 2010 at 12:54 PM  

bhag lo jalajala baba

'अदा' May 25, 2010 at 1:21 PM  

bahut sahi idea...
ispar amal bhi hona hi chahiye...

Vivek Rastogi May 25, 2010 at 7:56 PM  

यह भी खूब रही :)

राजेन्द्र मीणा May 25, 2010 at 9:08 PM  

हम आपकी बात दिल्ली तक पहुंचाने का आश्वाशन देते है :) :) :)

सलीम ख़ान May 25, 2010 at 10:37 PM  

chhaaaaaa gaye guru!!!!!!!!!!!!!!!

'उदय' May 26, 2010 at 7:26 AM  

...अदभुत .... प्रसंशनीय !!

राज भाटिय़ा May 26, 2010 at 12:45 PM  

बहुत सुंदर जी

SAMEER May 29, 2010 at 12:37 AM  

bahut badhiya ajay bhai......maja aa gaya

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