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घोर कलयुग...!

>> Sunday, July 5, 2009


9 comments:

राजीव तनेजा July 5, 2009 at 8:08 AM  

हा...हा...हा...


मज़ेदार

अनिल कान्त : July 5, 2009 at 8:10 AM  

क्या है भाई ....जमाना बदल रहा है

सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी July 5, 2009 at 9:32 AM  

वाह! चलिए अब विकल्प तो खुले.. :)

वन्दना अवस्थी दुबे July 5, 2009 at 11:06 AM  

बहुत शानदार...कुछ दिनों में बस यही होने वाला है...

M Verma July 5, 2009 at 4:40 PM  

वैसे भी लडकियो की कमी है

Mahesh Sinha July 6, 2009 at 1:11 AM  

बढती हुई napunshakta और क्या करवाएगी

काजल कुमार Kajal Kumar July 6, 2009 at 2:54 AM  

बस अखबारों में अब एेसे विज्ञापन आते ही होंगे.

विनोद डोंगरे July 6, 2009 at 2:01 PM  

बढ़िया कार्टून बनाए हैं.... अब तो जमाना ऐसा आने वाला है कि कोई परिचित यदि लड़का पूछे तो उससे पलटकर यह पूछना पड़ेगा कि लड़का किसके लिए चाहिए, लड़की के लिए या लड़के के लिए.

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indali

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