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दागदार हुआ स्टार न्यूज

>> Wednesday, April 28, 2010

15 comments:

डॉ महेश सिन्हा April 28, 2010 9:02 AM  

कौन सा चैनल बचा है ?

अरूण साथी April 28, 2010 9:31 AM  

हमाम मे सब नन्गे हे

विनीत कुमार April 28, 2010 11:51 AM  

ग्रेट,आपने बहुत अच्छा किया,इसे मैं अपने ब्लॉग पर लगा रहा हूं।..

Kumar Jaljala April 29, 2010 8:36 PM  

सक्सेना साहब
आज मैं पहली दफा आपके ब्लाग पर तशरीफ लाया हूं। आपके ब्लाग को देखकर मुझे लगा कि वाकई खुदा ने देश में एक से बढ़कर एक हुनरमंद लोग पैदा किए हैं। मैं थोड़ा ज्योतिष का इल्म रखता हूं। आपके ब्लाग व आपकी फोटो को चश्मेनूर करके मैं आपको कुछ मशविरा देना चाहता हूं। इन मशविरों को आप मान लेंगे तो ठीक.... वरना अल्लाह के फजल से हमारा क्या घाटा होने वाला है। अव्वल तो यह है कि आपके ब्लाग का जिगोराफिया थोड़ा ठीक नहीं हैं। आप जिस किसी भी इष्ट को मानते हैं उसकी फोटो अपने ब्लाग पर जरूर से जरूर चस्पा करें और फिर देखिए कमाल। जनाब दूसरी बात यह है कि इन दिनों आप थोड़े परेशान चल रहे हैं। यह आपकी फोटो देखकर लगता है। आपका परिचय भी बताता है कि उसमें क्या है। लेकिन ज्यादा से ज्यादा तीन महीनों के दरमियान आपकी सारी प्राब्लम साल्ब हो जाएगी। आप परवरदिगार पर यकीन रखते हैं तो मेरे तीन-चार मशविरे को मानिए आपको फायदा पहुंचेगा। पहली बात तो यह कि आप क्रोध को धक्का मानकर अपने दिल के मकां से निकाल दीजिए। दूसरा यह है कि जनाब आप अपने को बड़ा मानकर काम करते हैं। आप दूसरों को भी बड़ा मानकर काम करें। तीसरा यह जनाब कि आप छोटी-छोटी चीजों के लिए बच्चों के सामान जिद करते हैं। इसे भी दूर फेंकिए। चौथा यह हजरत कि जितना आप अपने ऊपर यकीन रखते हैं उतना ही आप दूसरों पर भी यकीन रखें। पांचवा जनाब यह कि जो भी आपसे उम्र में बड़ा और दिमागदार है उसकी सुनिए। कोई बात गलत लगे तो उसे अपने वर्क के जरिए जवाब दीजिए। जरा दिल पर हाथ रखकर सोचिए क्या आप अपना वक्त बहुत सी दूसरी चीजों पर जाया नहीं करते। आपके नेगिटिव शेड का एक बहुत बड़ा कारण यह भी है। मैं फिर आऊंगा और आपको कुछ काम की बाते बताऊंगा और जब आप का काम पूरी तरह बन जाए तो बाबा जलजला को याद कर एक दिन किसी फकीर को भरपेट खाना खिला देना। दुआ मिलेगी। मेरी बातों को मजाक में मत लेना। जिन लोगों ने भी मेरी बातों को मजाक में लिया है उनको बहुत घाटा उठाना पड़ा है। दुनिया गई भोंक पर.. भाले की नोंक पर।

Kumar Jaljala April 29, 2010 8:43 PM  

सक्सेना साहब मैं फिर कह रहा हूं, मेरी बातों को पढ़कर या सुनकर मजाक में मत लीजिएगा.. कई लोगों को घाटा उठाना पड़ा है।

Kumar Jaljala April 29, 2010 8:47 PM  

महाराष्ट्र में जलजला बाबा को सब जानते हैं.. जब आपका काम ठीक हो जाएगा तब आप मुझे खुद ही खोजते हुए पहुंच जाओंगे। आप सोच रहे होंगे कि ऐसा कौन सा बाबा है जो इंटरनेट के जरिए मशविरा दे रहा है। मैंने आपको पहले ही बताया कि मैं हर जगह नहीं जाता। कल से लेकर आज तक जिनके भी ब्लाग पर गया हूं उनको सही मशविरा दिया हूं। बाकी दुनिया गई भोंक पर भाले की नोंक पर।

Kumar Jaljala April 29, 2010 8:52 PM  

हां.. हफ्ते में एक दिन घर में लोभान का धुँआ दिखाओंगे तो भी फायदा पहुंचेंगा। हर शनिवार को गुड़ के साथ एक रोटी गाय को भी खिलाना..। जेब में कुछ चिल्लहर जरूर रखिए ताकि कोई हाथ फैलाए तो खुश हो जाए.

Kumar Jaljala April 29, 2010 8:58 PM  

आपको कोई एक शख्स है जो परख रहा है बाद में यही शख्स आपके लिए फायदेमंद साबित होगा। एक नेक बंदे का हाथ आपके सिर पर आ चुका हैं। लेकिन अभी रास्ते में कई रोड़े हैं। दुनिया बड़ी जालिम हैं। लेकिन बाबा जलजला पहले ही बता चुका है... तकलीफ केवल तीन महीने की है। एक दर्जन नेक बंदे आपसे जलते हैं। आपके घाटा करते हैं।

ab inconvenienti April 29, 2010 9:43 PM  

यह जलजला स्टार न्यूज़ का कोई सगा लगता है, मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है

ajay saxena April 30, 2010 4:56 AM  

बाबा जलजला अपने दिमाग का सही टाइम पर इलाज करवा लो ...तुम्हारे जैसे लोग अपने आप के दुश्मन होते है ....बाबा बोले तो मेरी नजर में वे ही बाबा है जिनके दर पर लाखो लोगो के सर झुकते है ...और तुम्हारे जैसे बाबा के सर पर एक दिन लाखो लोगो के जुते पड़ते है ....वैसे यार मुझे अच्छे चुटकुले हँसा नहीं पाते पर तुमने अपनी दिल की बात लिख कर आज मुझे बहुत हसाया ....तुझे अपने असली वाले अब्बा की कसम मुझे ऐसे ही हसाते रहना ,,,

विनीत कुमार April 30, 2010 10:23 AM  

जलजला साहब को तत्काल इलाज की जरुरत है।..

aditi saxena's blog May 1, 2010 2:51 AM  

jaljale uncle aap jo bhi ho par ek number ke gande insaan ho...chi aapko

aditi saxena's blog May 1, 2010 2:59 AM  

kumar jaljala uncle aapke papa bhi gande honge tabhi aap itne gande ho. dekhna aapke bachche bhi aap hi ki tarah gande aur pagal niklenge..chi gandi family

Kumar Jaljala May 1, 2010 5:56 AM  

जनाब सक्सेना साहब
जरा एक बार आप मेरे मशविरे को देखिए मैंने कहां पर आपके लिए बुरा चाहा है। अल्लाह आपको और आपके परिवार पर नेमतों की बारिश करें... मैं दुआ करूंगा। या मेरे मौला.. परवरदीगार सक्सेना साहब और उनकी फैमली को हमेशा तरक्की देना। खुशामदीद। इंशा अल्लाह सारी मुराद पूरी हो।

shyam jagota May 2, 2010 9:21 PM  

उजाला है ही कहाँ अजय भाई . . .

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